ABOUT HUMAN BEINGS

आप जानते है की कोई  बी व्यक्ति जो इस  दुनिआ मे रह रहा है वो अभी बहुत खराब परिस्तिति का सामना कर रहा हैं।  मैं अपने ब्लॉग से मानव जाती के उस समय को बताने जा रहा हु जो हमारे अतीत  मे कभी यौद्धा हुआ करता था। हम जब अपने पैरों पर खड़े  भी नहीं हुअते थे तब की बात है। मानव एक सामाजिक प्राणी है जो कभी भी अकेले अपना जीवन यापन नहीं करना चाहता है उसी तरह जिस तरह हम आज अपने परिवार के साथ रहना चाहते है। मानव की यही शैली उसे सभी से अलग बनती है। मानव  तो अभी सिर्फ अपना विकाश करना चाहता है परन्तु यह गलत है मानव का सही उदेश सामाजिकता है जो उसे इन प्रगति के इन रस्ते पर नहीं मिल सकता है। 
                                                                                              

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